ARTO Officer: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) का पद काफी लोकप्रिय माना जाता है. यह राज्य सरकार के परिवहन विभाग का अहम प्रशासनिक पद है, जहां वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स वसूली और परिवहन कानून लागू कराने जैसी बड़ी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं. आइए जानते हैं इस पद तक पहुंचने का रास्ता, योग्यता, सैलरी और अधिकार.
ARTO बनने का तरीका और योग्यता
ARTO ग्रुप-बी गजेटेड अधिकारी होते हैं, जिनकी भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा के जरिए की जाती है. चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू शामिल होता है. अंतिम मेरिट के आधार पर पद आवंटित किए जाते हैं. इसके बाद मेडिकल टेस्ट, दस्तावेज सत्यापन और ट्रेनिंग पूरी करनी होती है.
इस पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन जरूरी है. कुछ राज्यों में तकनीकी शाखा के पदों के लिए मैकेनिकल या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की डिग्री मांगी जा सकती है. अभ्यर्थी के पास दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी होना चाहिए. सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा आमतौर पर 21 से 40 वर्ष रहती है, जबकि आरक्षित वर्ग को राज्य सरकार के नियमों के अनुसार छूट मिलती है.
बिना PCS भी बन सकते हैं ARTO
इस पद तक पहुंचने का दूसरा रास्ता विभागीय प्रमोशन है. परिवहन विभाग में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, रीजनल इंस्पेक्टर, इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर या अन्य पदों पर नियुक्त कर्मचारी अनुभव के आधार पर प्रमोट होकर ARTO बन सकते हैं. हालांकि, इस प्रक्रिया में आमतौर पर 8 से 12 साल का समय लग सकता है.
सैलरी, जिम्मेदारियां और अधिकार
7वें वेतन आयोग के तहत ARTO को लेवल-9 या लेवल-10 के अनुसार वेतन मिलता है. बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक हो सकती है, जबकि शुरुआती ग्रॉस सैलरी करीब 75 हजार से 95 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचती है. इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, मेडिकल सुविधा, पीएफ, एनपीएस और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.
ARTO का मुख्य काम वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना, रोड टैक्स और परिवहन शुल्क की निगरानी, परिवहन कार्यालय का प्रशासनिक संचालन और कानूनों का पालन सुनिश्चित करना होता है. नियमों का उल्लंघन होने पर अधिकारी चालान काट सकते हैं, वाहन जब्त कर सकते हैं, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द कर सकते हैं. साथ ही व्यावसायिक वाहनों के परमिट जारी करने का अधिकार भी इसी पद के पास होता है. सेवा के दौरान पदोन्नति मिलने पर ARTO को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (RTO) बनाया जाता है.