Jamshedpur News : भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2010 बैच के अधिकारी सुशील प्रसाद और मोहम्मद शाहिद आलम बुधवार को मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एमसीपी-II) के तहत झारखंड भ्रमण के दौरान जमशेदपुर पहुंचे। जमशेदपुर परिसदन में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने दोनों अधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।
इस दौरान उपायुक्त और एसएसपी ने अधिकारियों के साथ जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उपायुक्त राजीव रंजन ने पूर्वी सिंहभूम की भौगोलिक एवं प्रशासनिक विशेषताओं, प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत तथा जमशेदपुर की देश की प्रमुख औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान की जानकारी दी।
विकास योजनाओं और सुशासन मॉडल की सराहना, प्रशासनिक अनुभवों को जाना
जिला प्रशासन ने अधिकारियों को जिले में संचालित विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना के विस्तार, औद्योगिक निवेश, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी भी दी। बताया गया कि पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आईएफएस अधिकारियों ने जिले में किए जा रहे विकास कार्यों, प्रशासनिक पहलों और सुशासन के मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड के औद्योगिक और प्रशासनिक परिदृश्य को निकट से समझने का यह दौरा उनके लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा। मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों को विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास मॉडल और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से परिचित कराना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते समय देश के विविध विकास अनुभवों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें।