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  • 2026-07-08

Jharkhand Religious Tourism: झारखंड में तीर्थ दर्शन और श्रावणी मेला के लिए 22 करोड़ मंजूर, गरीब परिवारों को मिलेगी यात्रा सुविधा

Jharkhand Religious Tourism: झारखंड सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुविधाएं बेहतर करने के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, श्रावणी मेला की तैयारी और व्यवस्थाओं के लिए 14 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.

गरीब परिवारों को तीर्थ यात्रा का मौका
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी.

इस योजना के लिए 8 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है. इसमें 4 करोड़ रुपये सामान्य मद से और 4 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के तहत दिए गए हैं.

योजना का संचालन झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड करेगा. लाभुकों के लिए विशेष टूर पैकेज तैयार किए जाएंगे. इन पैकेज के माध्यम से लोगों को झारखंड के धार्मिक और पर्यटन स्थलों के साथ देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी. सरकार का मानना है कि आर्थिक तंगी के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहने वाले हजारों परिवारों को इस योजना से लाभ मिलेगा.

श्रावणी मेला की तैयारी के लिए 14 करोड़ मंजूर
श्रावणी मेला 2026 के लिए सरकार ने 14 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी है. यह राशि बाबा बैद्यनाथधाम-बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाएगी. इससे देवघर के बाबा बैद्यनाथधाम और दुमका के बासुकीनाथधाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पेयजल, आवागमन और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर राशि खर्च की जाएगी.

दुमका कोषागार से होगी राशि की निकासी
श्रावणी मेला के लिए स्वीकृत 14 करोड़ रुपये की निकासी दुमका जिला कोषागार से की जाएगी. संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार को निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी बनाया गया है.



खर्च पर सरकार की सख्त निगरानी
सरकार ने दोनों योजनाओं में वित्तीय नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. किसी भी मद में अग्रिम भुगतान या अग्रिम निकासी की अनुमति नहीं होगी. निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही राशि खर्च की जाएगी. काम पूरा होने के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर महालेखाकार को भेजना अनिवार्य होगा.

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से गरीब परिवारों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा. साथ ही श्रावणी मेला 2026 में देवघर और बासुकीनाथ पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
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