East Singhbhum Malaria Alert: पूर्वी सिंहभूम जिले में मच्छरजनित बीमारी मलेरिया ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अब तक जिले में 1,059 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 4 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर जिले के 54 संवेदनशील गांवों में सघन जांच और सर्वे अभियान चलाया जा रहा है।
5,251 लोगों की जांच, 219 नए मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 5,251 लोगों की जांच की गई है, जिनमें 219 नए मलेरिया मरीज मिले हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार पोटका में 1,801 लोगों की जांच में 56 मरीज, मुसाबनी में 443 जांच के दौरान 77 मरीज और डुमरिया में 673 लोगों की जांच में 62 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
73 मरीज अस्पताल में भर्ती, 125 डॉक्टर और 200 स्वास्थ्यकर्मी मैदान में
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 73 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 31 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 56 बच्चों समेत कई मरीजों का इलाज जारी है। जिले में मलेरिया नियंत्रण अभियान के लिए 125 डॉक्टरों और करीब 200 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई है। ये टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर जांच कर रही हैं, दवाएं उपलब्ध करा रही हैं और लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
बारिश, जलजमाव और लापरवाही बनी संक्रमण की वजह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मलेरिया के बढ़ते मामलों के पीछे बारिश के बाद जलजमाव, नालियों की नियमित सफाई नहीं होना और मच्छरदानी के कम उपयोग जैसी प्रमुख वजहें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ा है, जबकि अब शहरी इलाकों में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी दल तैनात किए हैं। फॉगिंग, सर्वे और जांच अभियान लगातार जारी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें तथा बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी की गई है।
सिविल सर्जन ने दिए सख्त निर्देश
शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मलेरिया नियंत्रण अभियान को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर बुखार से पीड़ित और संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच करें तथा इलाज में किसी भी तरह की देरी न होने दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मलेरिया नियंत्रण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी चिकित्सा प्रभारियों को प्रतिदिन अभियान की प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया है। इसके साथ ही उपचार के अलावा नुक्कड़ नाटकों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।