Hazaribagh Treasury Scam: झारखंड के चर्चित हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी गबन मामलों में CID ने जांच पूरी कर विशेष अदालत में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल कर दी है. हजारीबाग मामले में छह और बोकारो मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया है.
CID के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत में दाखिल चार्जशीट में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, सरकारी राशि के गबन और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं.
दोनों मामलों के आरोपी फिलहाल जेल में हैं. चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद विशेष अदालत आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू करेगी.
हजारीबाग ट्रेजरी से 27 से 28 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप
हजारीबाग ट्रेजरी गबन मामले में CID ने कांस्टेबल शंभु कुमार, कांस्टेबल रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह, सौरभ कुमार सिंह, खुशबू सिंह और काजल कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
जांच में आरोप है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग के DDO कोड का गलत इस्तेमाल कर लंबे समय तक सरकारी रकम निकाली गई.
शुरुआती जांच में दो बैंक खातों से 15.41 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का पता चला था. बाद में विस्तृत जांच में 21 बैंक खातों के जरिए करीब 27 से 28 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात सामने आई.
CID के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा में बदलाव कर फर्जी बिल तैयार किए गए. इसके बाद रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजकर निकासी की गई.
बोकारो ट्रेजरी मामले में 4.29 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
बोकारो ट्रेजरी गबन मामले में कौशल कुमार पांडेय, होमगार्ड सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और कांस्टेबल काजल कुमार मंडल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है.
जांच के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय बोकारो में लेखाकार के पद पर कार्यरत कौशल कुमार पांडेय पर सेवानिवृत्त पुलिस अवर निरीक्षक उपेंद्र सिंह के वेतन रिकॉर्ड में बदलाव करने का आरोप है.
आरोप है कि उपेंद्र सिंह के स्थान पर कौशल कुमार पांडेय की पत्नी अन्नू पांडेय के बैंक खाते में वेतन भेजा गया. बाद में अधिकतर राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर ली गई. इस तरीके से करीब 4.29 करोड़ रुपये की सरकारी राशि के गबन का आरोप है.