Jamshedpur News: टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ने गंभीर श्वसन समस्याओं से जूझ रहे नवजात शिशुओं के लिए जीवनरक्षक इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड (iNO) थेरेपी की शुरुआत की है। इस सेवा का शुभारंभ जीएम एमएस डॉ. विनीता सिंह ने किया। इसके साथ ही टीएमएच की नियोनेटल इंटेंसिव केयर सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।
जमशेदपुर का पहला, झारखंड का दूसरा केंद
35 बेड वाली एनआईसीयू (NICU) के साथ टीएमएच पहले से ही क्षेत्र में नवजात शिशुओं की विशेष चिकित्सा देखभाल का प्रमुख केंद्र है। iNO थेरेपी उपलब्ध कराने वाला टीएमएच जमशेदपुर का पहला और झारखंड का दूसरा अस्पताल बन गया है, जहां यह अत्याधुनिक सुविधा शुरू हुई है।
PPHN जैसी गंभीर स्थिति में कारगर
यह थेरेपी मुख्य रूप से पर्सिस्टेंट पल्मोनरी हाइपरटेंशन (PPHN) से पीड़ित नवजात शिशुओं के इलाज में उपयोग की जाती है। इस स्थिति में जन्म के बाद फेफड़ों की रक्त वाहिकाएं सामान्य रूप से शिथिल नहीं हो पातीं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाता है और हृदय सहित अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं।
टीएमएच का अनुमान है कि इस सुविधा से हर वर्ष लगभग 40 से 45 गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा। समय पर विशेष उपचार उपलब्ध होने से उनके स्वस्थ होने और जीवन रक्षा की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
महानगरों पर निर्भरता होगी कम
अब तक इस थेरेपी के लिए मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, जिससे उपचार में देरी और परिवारों पर आर्थिक व मानसिक दबाव बढ़ता था। स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने से इमरजेंसी रेफरल की आवश्यकता घटेगी और जमशेदपुर समेत आसपास के क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को घर के निकट ही अत्याधुनिक उपचार मिल सकेगा। टीएमएच ने इसे मरीज केंद्रित और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया है।