Jharkhand Excise Constable Exam Paper Leak: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक और धांधली मामले में तीन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टल गई है. रौशन कुमार और सुंदर साव की जमानत याचिका पर अब 8 जुलाई को सुनवाई होगी. वहीं नेहा कुमारी की याचिका पर अदालत 14 जुलाई को सुनवाई करेगी.
मामले की सुनवाई अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में होनी थी. एक अधिवक्ता के निधन के बाद शोक प्रस्ताव के कारण सुनवाई नहीं हो सकी.
मास्टरमाइंड समेत आठ सदस्य और पांच अभ्यर्थी जेल में
मामले में गिरोह का मास्टरमाइंड अतुल वत्स समेत आठ सदस्य अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं. इनमें विकास कुमार, आशीष कुमार, योगेश कुमार, मुकेश कुमार और बिहार से गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी शामिल हैं.
इनके अलावा परीक्षा में शामिल पांच अभ्यर्थी भी जेल में बंद हैं. इन सभी की जमानत याचिकाओं पर अलग-अलग तारीखों में सुनवाई होनी है.
12 अप्रैल की रात उत्तर रटवाने का आरोप
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होनी थी. आरोप है कि परीक्षा से एक रात पहले, 12 अप्रैल को अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे.
तमाड़ थाना पुलिस ने रड़गांव में कार्रवाई कर अभ्यर्थियों समेत 166 लोगों को पकड़ा था. पुलिस के अनुसार, इस मामले में सरगना और मास्टरमाइंड समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल थे.
83 जमानत याचिकाएं दाखिल हुई थीं
इस मामले में आरोपियों की ओर से 83 जमानत याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इनमें 78 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आरोपियों को जमानत मिल चुकी है.
सुनवाई के दौरान अदालत ने तमाड़ पुलिस से केस डायरी मांगी थी. केस डायरी पेश नहीं होने के कारण कई बार सुनवाई टली. बाद में अदालत ने पुलिस को अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक केस डायरी जमा करने का निर्देश दिया था.
केस डायरी आने के बाद कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर फैसला हुआ.
रड़गांव के नर्सिंग कॉलेज में छापेमारी से खुला मामला
तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस की छापेमारी के बाद इस रैकेट का खुलासा हुआ था.
जांच में सामने आया कि संगठित गिरोह परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को उत्तर याद करा रहा था. आरोप है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा से पहले तीन लाख रुपये और नौकरी मिलने के बाद 10 लाख रुपये लेने की बात तय हुई थी.
ग्रामीणों को नर्सिंग कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने पर संदेह हुआ था. उन्हें नक्सली या आपराधिक गतिविधि की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी. सूचना पर पहुंची पुलिस की कार्रवाई में कथित परीक्षा धांधली का मामला सामने आया.