Jamshedpur DD Bar Murder Case: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार हत्याकांड में घायल हिमांशु सिंह की मौत के बाद पिछले ढाई दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार बुधवार को खत्म हो गया. सरकार और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए. इसके बाद परिवार के सदस्य हिमांशु का पार्थिव शरीर लेने के लिए रवाना हुए. शव को पहले आदित्यपुर स्थित आवास लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा.
ये थीं परिजनों की प्रमुख मांगें
हिमांशु सिंह के परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले चार प्रमुख मांगें रखी थीं. इनमें सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी तथा मामले का स्पीडी ट्रायल कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग शामिल थी.
प्रशासन ने दिया लिखित आश्वासन
प्रशासन की ओर से परिजनों को लिखित आश्वासन दिया गया कि घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. साथ ही मृतक के पत्नी को सरकारी नौकरी देने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी जाएगी. प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर स्पीडी ट्रायल के जरिए उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा.
तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
वार्ता के दौरान अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार सात-आठ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा.
परिजनों ने क्या कहा
परिजनों ने कहा कि उनकी मुख्य मांग अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने, पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की थी. प्रशासन ने इन मांगों को सरकार के समक्ष अनुशंसा करने का भरोसा दिया है. इसी आश्वासन के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी.
अब कार्रवाई पर टिकी हैं सबकी निगाहें
ढाई दिन तक चले इस संवेदनशील घटनाक्रम के बाद फिलहाल गतिरोध समाप्त हो गया है. हालांकि अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन अपने लिखित आश्वासन पर कितनी तेजी से अमल करता है, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है.
सुबह से जारी रही वार्ता, कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बुधवार सुबह से ही हिमांशु सिंह के आदित्यपुर स्थित आवास पर प्रशासनिक अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. वार्ता में कोल्हान डीआईजी अनुरांजन किस्पोट्टा, सरायकेला-खरसावां के नीतीश कुमार सिंह, धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अर्नव मिश्रा, जमशेदपुर के सिटी एसपी ललित मोहन मीणा, ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल दोनों जिलों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. कई बार माहौल तनावपूर्ण हुआ, लेकिन लगातार संवाद के बाद सहमति बन गई.