Kiren Rijiju News: राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के शपथ ग्रहण के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक चर्चा देखने को मिली. इसी दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस से हार का सामना नहीं करना पड़ता तो आज वह पांचवीं बार सांसद होते. उनका यह बयान संसद परिसर में चर्चा का विषय बन गया.
शपथ ग्रहण के दौरान हुई राजनीतिक चर्चा
मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक से पुनर्निर्वाचित होकर राज्यसभा सदस्य के रूप में एक बार फिर शपथ ली. उनके साथ सात अन्य सांसदों ने भी सदस्यता की शपथ ग्रहण की. इस अवसर पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
शपथ ग्रहण के बाद हुई अनौपचारिक बातचीत के दौरान किरेन रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खरगे के संसदीय अनुभव के बारे में जानकारी ली. इस पर अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि खरगे का यह चौथा संसदीय कार्यकाल है. उन्होंने कहा कि खरगे इससे पहले दो बार लोकसभा और अब दूसरी बार राज्यसभा के सदस्य बने हैं. इसके बाद जेपी नड्डा ने भी बताया कि संसद पहुंचने से पहले खरगे कर्नाटक विधानसभा में लगातार नौ कार्यकाल तक विधायक रहे थे.
रिजिजू ने 2009 की हार का किया जिक्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर वर्ष 2009 में कांग्रेस उन्हें चुनाव नहीं हराती तो आज उनका भी लोकसभा में पांचवां कार्यकाल होता. उनका यह बयान वहां मौजूद नेताओं के बीच चर्चा का विषय बना.
बता दें कि किरेन रिजिजू ने वर्ष 2004 में पहली बार अरुणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर संसद में प्रवेश किया था. हालांकि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार के हाथों 1,314 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.
हाल ही में 10 नए सांसदों ने भी ली थी शपथ
इससे पहले 25 जून को राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित और पुनर्निर्वाचित 10 सदस्यों को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई थी. कई सांसदों ने अपनी मातृभाषा में शपथ ग्रहण की थी. इनमें प्रवीण चक्रवर्ती, देबाशीष सामंतराय, सना सतीश बाबू, विजय चिंतकायाला, भाष्यम राम कृष्ण, लिंगामनेनी रमेश, राजेश परमानंद शुक्ला, बैद्यनाथ राम, परिमल नथवानी और ताई टागाक शामिल थे.
राज्यसभा में नए और पुनर्निर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया लगातार जारी है. इसी क्रम में मल्लिकार्जुन खरगे ने भी दोबारा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, जहां किरेन रिजिजू की 2009 के चुनाव से जुड़ी टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.