Jamshedpur: जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में एक कन्वाई चालक के साथ कथित तौर पर अपहरण, जानलेवा हमला और लूटपाट का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल से ही पुलिस को लिखित आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के मुताबिक, वह 17 जून की रात करीब साढ़े नौ बजे गोविंदपुर स्थित अपने घर से ड्यूटी के लिए निकला था। रास्ते में रहरगोड़ा बस्ती के रहने वाले तुषार सिंह, आयुष बच्चा, राज गबरू और उनके कुछ अन्य साथियों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि पहले उसके साथ मारपीट की गई और फिर जबरन बाइक पर बैठाकर सामुदायिक विकास स्कूल के मैदान में ले जाया गया, जहां उसके साथ बेरहमी से हमला किया गया।
लोहे के हथियार और पत्थर से हमला करने का आरोप
आवेदन में कहा गया है कि मैदान में तुषार सिंह ने कथित रूप से लोहे के चापड़ से उसकी गर्दन पर वार किया, जबकि आयुष बच्चा ने लोहे की पंच से चेहरे पर कई बार हमला किया। इसके बाद आरोपियों ने उसे बाड़ीगोड़ा पंचायत भवन के पास ले जाकर बड़े पत्थर (बोल्डर) से सिर और आंख के पास वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उसके गले से चांदी की चेन, जेब में रखे करीब पांच हजार रुपये नकद और उसका रियलमी मोबाइल फोन भी छीन लिया। इतना ही नहीं, जाते-जाते आरोपियों ने उसे जान से मारने और बस्ती में दोबारा नहीं रहने देने की धमकी भी दी। युवक का कहना है कि उसे मृत समझकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल, हालत बिगड़ने पर रिम्स रेफर
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और डायल-100 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद टाइगर मोबाइल की टीम घायल को सदर अस्पताल लेकर गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स भेजा गया। घायल युवक ने अस्पताल से पुलिस को आवेदन देकर अपना बयान दर्ज करने, पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर पीड़ित पक्ष ने नाराजगी भी जताई है।