Potka News: पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। चार दिनों के भीतर एक ही परिवार की दो मासूम बहनों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हरिणा पंचायत के कंदर गांव निवासी महावीर सरदार की एक वर्षीय बेटी खुशबू सरदार की सोमवार सुबह एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे चार दिन पहले उनकी आठ वर्षीय बेटी सुबोला सरदार भी ब्रेन मलेरिया से दम तोड़ चुकी थी। परिवार की तीसरी बेटी भी संक्रमित है और उसका इलाज जारी है।
दो बेटियों की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड
आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर लगातार दो बेटियों को खोने का गम है, तो दूसरी ओर तीसरी बेटी के इलाज और अंतिम संस्कार का खर्च उठाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। गांव में इस घटना के बाद भय और शोक का माहौल है।
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार पोटका में अब तक ब्रेन मलेरिया से चार लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को सात स्थानों पर विशेष जांच शिविर लगाकर 465 लोगों की जांच की गई, जिसमें 29 नए मरीज मिले। सभी संक्रमितों का इलाज शुरू कर दिया गया है और उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गंभीर मरीजों का इलाज जारी, प्रभावित गांवों में बढ़ी सतर्कता
एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राठौड़ ने बताया कि गंभीर मरीजों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। वहीं, पोटका के विधायक संजीव सरदार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर निजी स्तर पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त संख्या में मच्छरदानियों का वितरण नहीं हुआ है।
पोटका बना ब्रेन मलेरिया का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पोटका अब पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है। यहां मरीजों की संख्या 40 के करीब पहुंच गई है, जबकि पूरे जिले में 66 से अधिक मामले सामने आए हैं। पोटका के अलावा गुड़ाबांधा, परसुडीह, राजनगर और चांडिल में भी संक्रमण के मरीज मिले हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जांच, उपचार और जागरूकता अभियान को और तेज करने में जुट गया है।