Ranchi News: रिम्स (RIMS) की करीब सात एकड़ अधिग्रहित सरकारी जमीन की फर्जी दस्तावेजों के जरिए खरीद-बिक्री से जुड़े बहुचर्चित मामले में आरोपी सोनू कुमार शरण ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एसीबी (ACB) की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई हुई, जहां अदालत ने एसीबी को केस डायरी पेश करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई की तिथि 8 जुलाई निर्धारित की है.
अप्रैल में चार मुख्य आरोपियों को कर चुकी है ACB गिरफ्तार
इस मामले में एसीबी पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है. अप्रैल महीने में जांच एजेंसी ने इस घोटाले से जुड़े चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जांच लगातार आगे बढ़ रही है और कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
फर्जी वंशावली बनाकर बेची गई रिम्स की सरकारी जमीन
एसीबी की जांच के अनुसार, वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित रिम्स की सरकारी जमीन को फर्जी वंशावली और जाली दस्तावेज तैयार कर निजी जमीन के रूप में दिखाया गया. इसके बाद भू-माफियाओं ने इस जमीन की खरीद-बिक्री कर बिल्डरों को बेच दिया.
16 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के घेरे में
इस पूरे मामले में 16 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं. उन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री में भूमिका निभाने का संदेह है. मामले की जांच झारखंड हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद एसीबी कर रही है.
इन चार आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
एसीबी अब तक इस मामले में फर्जी वंशावली तैयार करने और जमीन की हेराफेरी में शामिल बताए जा रहे चार आरोपियों कार्तिक बड़ाईक, राज किशोर बड़ाईक, चेतन कुमार, राजेश कुमार झा को गिरफ्तार कर चुकी है.
8 जुलाई को फिर होगी सुनवाई
अब आरोपी सोनू कुमार शरण की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी. उस दिन एसीबी अदालत में केस डायरी पेश करेगी, जिसके बाद अदालत जमानत पर फैसला ले सकती है. मामले की जांच अभी जारी है और एसीबी अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है.