Jharkhand Naxal Alert: नक्सल संगठनों के दमन विरोधी सप्ताह को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने झारखंड के नक्सल प्रभावित चक्रधरपुर मंडल में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. आरपीएफ ने ऑपरेशन ट्रैक हॉक के तहत ड्रोन आधारित निगरानी अभियान शुरू किया है, ताकि रेलवे ट्रैक, स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
ड्रोन से हो रही रेलखंड की लगातार निगरानी
25 जून 2026 से शुरू किए गए इस अभियान के तहत चक्रधरपुर और मनोहरपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित संवेदनशील रेलखंड की अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए लगातार हवाई निगरानी की जा रही है. इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा बल की विशेष टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके और रेल परिचालन पर खतरा बनने वाली किसी भी कोशिश को विफल किया जा सके.
यात्रियों और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्तियों की रक्षा और महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना को हर स्तर पर सुरक्षित रखना है. इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और तकनीकी निगरानी तंत्र को पहले की तुलना में अधिक मजबूत बनाया गया है.
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन आधारित निगरानी से रेलवे ट्रैक, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने कहा है कि रेलवे सुरक्षा बल और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं तथा यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. इस पहल को झारखंड के नक्सल प्रभावित रेलखंडों में आधुनिक तकनीक के जरिए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.