Ranchi News: विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) के अवसर पर झारखंड सरकार रांची के बिरसा मुंडा स्मृति पार्क में तीन दिवसीय भव्य आदिवासी महोत्सव का आयोजन करेगी। पिछले वर्ष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के कारण यह आयोजन नहीं हो सका था, लेकिन इस बार इसे पहले से कहीं अधिक भव्य और आधुनिक स्वरूप में मनाने की तैयारी है।
ड्रोन, लेजर और लाइट शो से जीवंत होगी आदिवासी संस्कृति
इस बार महोत्सव में आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ड्रोन शो, लेजर शो और लाइट शो के जरिए आदिवासी संस्कृति, इतिहास और गौरवशाली विरासत को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। पूरे आयोजन को इमर्सिव कल्चरल इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नॉलेज जोन के माध्यम से लोग आदिवासी समाज की परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जान सकेंगे। समापन पर भव्य आतिशबाजी भी होगी।
ट्राइबल बाजार और पारंपरिक स्वाद बनेंगे मुख्य आकर्षण
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण ट्राइबल बाजार होगा, जहां आदिवासी समुदाय और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री होगी। वहीं, विशेष फूड जोन में पारंपरिक आदिवासी व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा। महोत्सव की शुरुआत पारंपरिक जतरा से होगी, जिसमें राज्यभर से करीब 10 हजार कलाकार और प्रतिभागी पारंपरिक वेशभूषा एवं वाद्ययंत्रों के साथ शामिल होंगे।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित रहेगा आयोजन
इस वर्ष का आदिवासी महोत्सव झारखंड निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित होगा। आयोजन स्थल पर बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उनके जीवन संघर्ष, आंदोलन और झारखंड राज्य के निर्माण में उनके योगदान पर आधारित विशेष कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और विरासत से प्रेरणा ले सके।