Seraikela: झारखंड सरकार के निर्देश पर सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत गुरुवार को सिरुम स्थित मध्य विद्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो और कुकड़ू प्रखंड प्रमुख प्रतिमा सिंह पातर ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सिरुम, पारगामा, जानुम और ओड़िया पंचायत के ग्रामीण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली।
महिलाओं ने संभाली जागरूकता की जिम्मेदारी
नशा मुक्ति अभियान के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं और ग्रामीण महिलाओं ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। महिलाओं ने समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शपथ लेते हुए अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही गांव-गांव जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का भी निर्णय लिया गया।
नशा सामाजिक विकास की सबसे बड़ी बाधा : मधुश्री महतो
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए अभिशाप है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और पारिवारिक विवाद जैसी कई समस्याओं के पीछे नशे की प्रवृत्ति एक बड़ी वजह होती है। इसलिए नशामुक्त समाज का निर्माण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रखंड प्रमुख प्रतिमा सिंह पातर ने कहा कि गांवों में नशे के खिलाफ माहौल तैयार करने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाने और आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने की अपील की।
स्वस्थ और जागरूक समाज बनाने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण पैदा करना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज की नींव को मजबूत करना है।