Simdega Breaking: सिमडेगा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केरसई प्रखंड के एक प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. अधिकारी पर मिड-डे मील योजना से जुड़े प्रतिवेदन को स्वीकार करने के बदले पैसे मांगने का आरोप था. शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया.
मामला केरसई थाना क्षेत्र के टेंसोर नवाटोली निवासी रंजीत खाखा की शिकायत से जुड़ा है. उन्होंने एसीबी रांची को दिए आवेदन में बताया था कि उनके विद्यालय को मिड-डे मील योजना के तहत अंडा और फलाहार वितरण के लिए राशि आवंटित हुई थी. खर्च के बाद बची राशि का प्रतिवेदन जमा कराने के लिए जब वे संबंधित कार्यालय पहुंचे तो उनसे कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई.
शिकायत के अनुसार प्रतिवेदन स्वीकार करने के एवज में पहले 15 हजार रुपये मांगे गए थे. साथ ही पैसे नहीं देने पर उच्च अधिकारियों से कार्रवाई कराने की धमकी भी दी गई थी. बाद में बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम घटाकर 8 हजार रुपये तय कर दी गई.
रंजीत खाखा ने रिश्वत देने के बजाय इसकी सूचना एसीबी को दी. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया.
बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए एसीबी की टीम ने कार्यालय में जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.