Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता और दिशोम गुरु के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया है. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जनता के विश्वास और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की सीख दी है.
हेमंत सोरेन ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या नेतृत्व की सबसे बड़ी पूंजी जनता का भरोसा होता है. उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी राज्य और लोगों के हक के लिए मजबूती से खड़ा रहना ही वास्तविक जनसेवा है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज वह जिस रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, उसकी नींव उनके पिता शिबू सोरेन के संघर्ष, त्याग और विचारों से बनी है. उन्होंने कहा कि बाबा के मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने उन्हें समाज और राज्य के लिए काम करने की प्रेरणा दी है.
उन्होंने अपने पिता के व्यक्तित्व को याद करते हुए कुछ भावनात्मक पंक्तियां भी साझा कीं-
“तपती धूप में बरगद-सी छाया हैं बाबा,
संघर्ष की राह में अटूट हौसला हैं बाबा.
हमारी सोच, हमारे संस्कार, हमारी पहचान हैं बाबा,
एक पिता ही नहीं, पूरे समाज का स्वाभिमान हैं बाबा.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ उनके परिवार के मार्गदर्शक नहीं, बल्कि पूरे झारखंडी समाज की पहचान और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. उन्होंने दिशोम गुरु को नमन करते हुए उनके विचारों और संघर्षों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.