Indian Oil Tankers: ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait Of Hormuz) को फिर से बंद करने की घोषणा के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय जहाजरानी, बंदरगाह एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि भारतीय झंडे वाले तीन कच्चे तेल के टैंकर-“देश वैभव”, “देश विभोर” और “सनमार हेराल्ड”-सुरक्षित रूप से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
8.6 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर लौट रहे हैं जहाज
सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि तीनों जहाजों पर कुल 94 भारतीय नाविक सवार हैं। ये टैंकर 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा और देश के समुद्री हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
24 जून तक गुजरात, 1 जुलाई तक पारादीप पहुंचेगा तेल
“देश वैभव” टैंकर में 37 भारतीय नाविक हैं और यह 2,86,572 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर 24 जून तक गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। वहीं “देश विभोर” में 27 भारतीय नाविक सवार हैं और यह 2,88,893 मीट्रिक टन तेल लेकर 24 जून को ही सिक्का बंदरगाह पहुंचेगा। तीसरा जहाज “सनमार हेराल्ड” 30 भारतीय नाविकों के साथ 2,85,400 मीट्रिक टन तेल लेकर ओडिशा के पारादीप बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है, जहां इसके 1 जुलाई तक पहुंचने की संभावना है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। हाल में इजरायल के दक्षिणी लेबनान में हमलों के विरोध में ईरान ने इस मार्ग को फिर से बंद करने का ऐलान किया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का पालन नहीं किया और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ी है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर नए खतरे की आशंका पैदा कर दी है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का व्यवधान चिंता का विषय बन सकता है। हालांकि, तीनों भारतीय टैंकरों का सुरक्षित निकलना भारत की सक्रिय कूटनीति, मजबूत समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की रणनीति का संकेत माना जा रहा है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नाविकों और देश की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।