Jharkhand News: झारखंड में गरीब परिवारों को मिलने वाली सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के लाभुकों के बीच 2.64 करोड़ से अधिक धोती, साड़ी और लुंगी बांटी जाएगी.
इस योजना के तहत अंत्योदय अन्न योजना, प्रायोरिटी हाउसहोल्ड और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े परिवारों को लाभ मिलेगा. वस्त्रों का वितरण प्रखंड मुख्यालयों और तय किए गए वितरण केंद्रों से किया जाएगा.
दो चरणों में होगी आपूर्ति, ताकि नहीं हो परेशानी
सरकार ने कपड़ों की आपूर्ति और वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए पूरे वित्तीय वर्ष को दो हिस्सों में बांटा है. पहले चरण में बड़ी मात्रा में वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वितरण प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके. पहली छमाही के लिए 66 लाख साड़ी, 39.60 लाख धोती और 26.40 लाख लुंगी की आपूर्ति की जाएगी.
कपड़ों की क्वालिटी पर सरकार की सख्ती
योजना में किसी तरह की लापरवाही रोकने के लिए सरकार ने वस्त्रों की गुणवत्ता और आकार को लेकर नए मानक तय किए हैं. इसके अनुसार सफेद धोती की लंबाई 4.50 मीटर, साड़ी की लंबाई 5.50 मीटर और चेक वाली लुंगी की लंबाई 2 मीटर रखी गई है. वस्त्रों की गुणवत्ता जांचने के लिए कपड़ा मंत्रालय की टेक्सटाइल कमेटी की प्रयोगशालाओं से रैंडम जांच कराई जाएगी.
समय पर कपड़ा नहीं पहुंचा तो कटेगी रकम
सरकार ने सप्लायरों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं. कार्यादेश मिलने के बाद 120 दिनों के अंदर कपड़ों को तय गोदामों और प्रखंडों तक पहुंचाना होगा. अगर आपूर्ति में देरी होती है तो हर 15 दिन पर बिना पहुंचाए गए सामान की कीमत का 0.5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा. यह जुर्माना अधिकतम 10 प्रतिशत तक हो सकता है.
घटिया माल मिला तो बदलना होगा पूरा स्टॉक
जांच में अगर कपड़े तय मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो आपूर्तिकर्ता को पूरा स्टॉक बदलना पड़ेगा. इसके लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा. साथ ही 5 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा. सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य सिर्फ वितरण करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर बेहतर गुणवत्ता के वस्त्र पहुंचाना है.