Jharkhand News: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजे को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच कांग्रेस ने भाजपा और राजद की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है. पार्टी ने कांग्रेस प्रभारी और विधायकों पर उठाए जा रहे सवालों को निराधार, दुर्भाग्यपूर्ण और गठबंधन की भावना के खिलाफ बताया है.
कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने पूरी एकजुटता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. चुनाव परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि बिना किसी प्रमाण के कांग्रेस विधायकों की निष्ठा पर सवाल खड़े किए जाएं.
कांग्रेस का भाजपा से सवाल- 24 वोट थे तो मिले अतिरिक्त वोट कहां से?
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास सिर्फ 24 वोट थे, तो उन्हें मिले अतिरिक्त 6 वोट कहां से आए. पार्टी ने कहा कि यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है और पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए.
कांग्रेस ने भाजपा पर पैसे के प्रभाव और राजनीतिक खरीद-फरोख्त के आरोप भी लगाए. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा झारखंड में किसी स्थानीय नेता या कार्यकर्ता को उम्मीदवार क्यों नहीं बना सकी.
महागठबंधन को भी आत्ममंथन की जरूरत: कांग्रेस
कांग्रेस ने माना कि यदि महागठबंधन के घोषित वोट अपेक्षित रूप से नहीं मिले हैं तो यह गठबंधन के भीतर गंभीर समीक्षा का विषय है. पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनाव को लेकर रणनीति और मेहनत की थी, इसलिए पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण जरूरी है.
पार्टी के अनुसार कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से समीक्षा की जा रही है.
सहयोगी दलों से सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की अपील
कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों से सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील की है. पार्टी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को तथ्यों और संवाद के जरिए सुलझाया जाना चाहिए.
कांग्रेस ने दोहराया कि उसका फोकस झारखंड के लोगों के हित, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और राज्य के विकास पर है. पार्टी ने कहा कि यह समय दोषारोपण का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आगे की रणनीति तय करने का है.