Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-20

Jharkhand News: हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में राजस्व कर्मचारी संतोष वर्मा को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Jharkhand News: हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को झारखंड हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है. न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है.

मामला सरकारी जमीन को कथित साजिश के तहत निजी लोगों के नाम म्यूटेशन किए जाने से जुड़ा है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इस मामले की जांच कर रहा है.

आरोपी ने दी सफाई, कहा- म्यूटेशन का किया था विरोध
संतोष कुमार वर्मा की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि घटना के समय वह राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने कहा कि जिस रिपोर्ट के आधार पर म्यूटेशन का आदेश जारी हुआ, उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे.

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने शुरुआत से ही म्यूटेशन प्रक्रिया का विरोध किया था. आरोप लगाया गया कि तत्कालीन उपायुक्त बिनय कुमार चौबे की ओर से रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया गया था और इनकार करने के बाद उनका तबादला कर दिया गया.

मूल रिकॉर्ड गायब होने का भी उठा मुद्दा
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि म्यूटेशन से जुड़े मूल दस्तावेज गायब हैं. आरटीआई के जरिए भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया. याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि म्यूटेशन आदेश उनके स्थानांतरण के बाद पारित हुआ था.

वहीं ACB ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन को कथित रूप से मिलीभगत के जरिए निजी नामों पर दर्ज कराया गया. जांच में भूमि माफिया और अंचल कार्यालय के कर्मियों की भूमिका सामने आई है.

जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
ACB ने कोर्ट को बताया कि संतोष कुमार वर्मा को कई बार नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने को कहा गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए.

कोर्ट ने माना कि मामले की जांच अभी जारी है और म्यूटेशन से जुड़े अहम दस्तावेज अब भी गायब हैं. इसके अलावा सह-आरोपी के बयान में भी याचिकाकर्ता का नाम सामने आया है. इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया.

क्या है हजारीबाग वन भूमि मामला
ACB के अनुसार, विनय कुमार सिंह ने हजारीबाग में 28 डिसमिल गैरमजरूआ खास जंगल-झाड़ जमीन खरीदी थी. आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से प्रतिबंधित सूची और वन भूमि में शामिल जमीन का गलत रिपोर्ट के आधार पर म्यूटेशन करा लिया गया.

इस मामले में हजारीबाग ACB थाना में कांड संख्या 11/2025 दर्ज है. केस में आईएएस अधिकारी बिनय कुमार चौबे, नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है. मामले की जांच जारी है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !