Gumla: चैनपुर अंचल के कुरुमगढ़ थाना में पदस्थापित महिला चौकीदार बॉबी देवी का बुधवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बॉबी देवी चैनपुर अंचल के बामदा गांव की निवासी थीं और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। मृतका के परिजनों का आरोप है कि कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उनका कहना है कि बॉबी देवी को मधुमेह और उच्च रक्तचाप की गंभीर समस्या थी तथा डॉक्टरों ने नियमित डायलिसिस कराने की सलाह दी थी। लेकिन पैसों की कमी के चलते इलाज में लगातार बाधा आती रही, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
आर्थिक तंगी ने बढ़ाई मुश्किलें
परिवार का दावा है कि बीमारी के इलाज में पहले ही काफी धन खर्च हो चुका था। ऐसे में वेतन नहीं मिलने से दवाइयों और जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का खर्च उठाना मुश्किल हो गया। परिजनों के मुताबिक, समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी हालत लगातार गंभीर होती गई। महिला चौकीदार की मौत के बाद चैनपुर और कुरुमगढ़ क्षेत्र के अन्य चौकीदारों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें भी पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके सामने परिवार चलाने, बच्चों की पढ़ाई और खेती-किसानी जैसे जरूरी कार्यों को लेकर गंभीर आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
सहकर्मियों ने उठाए भुगतान व्यवस्था पर सवाल
कुछ चौकीदारों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि लगातार वेतन लंबित रहने से कर्मचारियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने इस मामले में जल्द समाधान की मांग की है। बॉबी देवी के निधन से उनके पैतृक गांव बामदा सहित पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है। परिजन और ग्रामीण इस घटना से बेहद दुखी हैं। सहकर्मियों ने भी उनके निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कर्मचारियों के लंबित वेतन और निचले स्तर पर कार्यरत कर्मियों की समस्याओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर भुगतान और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद परिस्थितियां उत्पन्न न हों।