Ranchi News : झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रांची स्थित रिनपास (RINPAS) में प्रोजेक्ट मानस ब्रेन्सवे डीप ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (DTMS) सेंटर का उद्घाटन किया गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस अत्याधुनिक केंद्र का शुभारंभ किया। इस सुविधा के शुरू होने से अब मानसिक और तंत्रिका संबंधी कई गंभीर बीमारियों का आधुनिक इलाज राज्य में ही उपलब्ध हो सकेगा।
यह परियोजना सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत वित्तपोषित की गई है। केंद्र की स्थापना रोटरी फाउंडेशन इंडिया ने रोटरी क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से की है। उद्घाटन समारोह में कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई, सीसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) सिद्धार्थ शंकर लाल, रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3250 की डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नम्रता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मानसिक स्वास्थ्य को बताया सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित उपचार सुविधाओं की उपलब्धता से राज्य के मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा। उन्होंने इस पहल के लिए रिनपास और सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
क्या है DTMS तकनीक?
रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई ने बताया कि डीप ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (DTMS) एक सुरक्षित, प्रभावी और गैर-आक्रामक उपचार तकनीक है। इसका उपयोग अवसाद (डिप्रेशन), ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर (OCD), नशा मुक्ति और अन्य मानसिक एवं तंत्रिका संबंधी विकारों के उपचार में किया जाता है। इस तकनीक में किसी प्रकार की सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती और मरीजों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
पूर्वी भारत के मरीजों को भी मिलेगा लाभ
रिनपास प्रबंधन के अनुसार, इस केंद्र के शुरू होने से केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के अन्य राज्यों के मरीजों को भी आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने नए केंद्र का निरीक्षण किया और DTMS प्रणाली की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। विशेषज्ञों ने इसे झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरगामी पहल बताया।