Jharkhand News: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी किए जाने के करीब दो महीने बाद भी विद्यार्थियों को मूल अंकपत्र (मार्कशीट) नहीं मिल पाया है. इसके कारण हजारों छात्र-छात्राएं परेशानी में हैं.
मिडिया रिपोर्ट्स और छात्रों के अनुसार, मैट्रिक का रिजल्ट जारी होने के बाद कई विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट में नामांकन तो ले लिया है, लेकिन मूल मार्कशीट और जरूरी प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाने से उनकी परेशानी बढ़ गई है. छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि दस्तावेज नहीं मिलने के कारण आगे की पढ़ाई, छात्रवृत्ति आवेदन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में दिक्कत आ रही है.
कई स्कूलों को भी अब तक विद्यार्थियों के मूल अंकपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. इस वजह से स्कूल प्रबंधन छात्रों को जरूरी दस्तावेज और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी नहीं कर पा रहे हैं. इसका सीधा असर 11वीं कक्षा में नामांकन की प्रक्रिया पर पड़ रहा है.
23 अप्रैल को जारी हुआ था मैट्रिक का परिणाम
जैक ने 23 अप्रैल को दसवीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था. इसके बाद करीब दो महीने बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को ओरिजिनल मार्कशीट नहीं मिल सकी है. छात्रों का कहना है कि जब तक मूल प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा, तब तक कई जगह नामांकन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी.
अब छात्र और अभिभावक जल्द से जल्द मार्कशीट उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य से जुड़ी प्रक्रियाएं प्रभावित न हों.