Jharkhand News: झारखंड पुलिस विभाग में खाली पदों और लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर पुलिसकर्मियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. विभाग में 1200 से अधिक पद रिक्त होने के बावजूद लंबे समय से प्रमोशन, तबादले और वित्तीय उन्नयन से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के मनोबल पर पड़ रहा है.
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने डीजीपी तदाशा मिश्रा से मुलाकात की और पुलिसकर्मियों की समस्याओं से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि कई अधिकारी और जवान जरूरी प्रशिक्षण पूरा करने और सभी योग्यता रखने के बाद भी वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं. कई ऐसे कर्मचारी भी हैं, जिन्हें सेवा अवधि पूरी होने के बाद भी प्रमोशन का लाभ नहीं मिल सका.
एसोसिएशन ने डीजीपी को बताया कि कई पुलिस अधिकारी और कर्मी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और बेहतर इलाज के लिए तबादले की मांग कर रहे हैं, लेकिन तबादला मामलों पर विचार करने वाली समिति की बैठक लंबे समय से नहीं हुई है. इसके कारण जरूरतमंद कर्मियों को राहत नहीं मिल पा रही है.
वहीं एसीपी और एमएसीपी से जुड़े मामलों की समीक्षा करने वाली समिति भी करीब दो वर्षों से सक्रिय नहीं है. इससे बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वित्तीय लाभ से वंचित हैं.
पुलिस एसोसिएशन के मुताबिक झारखंड पुलिस में एएसआई के 800, एसआई के 157, विशेष शाखा में एसआई के 217 और डीएसपी के 30 पद खाली हैं. यानी कुल मिलाकर करीब 1204 पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद पदोन्नति की प्रक्रिया गति नहीं पकड़ पा रही है.
एसोसिएशन ने डीजीपी से मांग की है कि रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ लंबित प्रमोशन, तबादले और वित्तीय उन्नयन से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा किया जाए. पुलिसकर्मियों को उम्मीद है कि विभाग जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा.