Latehar News : जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण योजनाओं की धीमी रफ्तार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करीब 2 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सड़क परियोजना वर्षों बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। अधूरे निर्माण के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ हिस्सों में काम हुआ, लेकिन लंबे समय से परियोजना ठप पड़ी है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी, जवाबदेही और समयसीमा पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के अधूरे रहने से गांवों का संपर्क प्रभावित होता है। बारिश के दौरान सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और कई जगहों पर आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ। लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं, क्षेत्र में अधूरी सड़क परियोजनाओं और निर्माण गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक उन्हें विकास के दावों का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। अब लोगों की नजर प्रशासन और विभागीय अधिकारियों पर है कि आखिर उन्हें राहत कब मिलेगी।