Ramgarh News: रामगढ़ जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. सीसीएल अरगडा की बंद भूमिगत खदान के पास काजू बगान जंगल क्षेत्र में शनिवार सुबह अवैध तरीके से कोयला निकालने गए चार युवकों की दम घुटने से मौत हो गई. हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और मृतकों के परिवारों में मातम छा गया.
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9 बजे चार युवक अवैध रूप से बनाई गई सुरंग में कोयला निकालने के लिए उतरे थे. करीब 30 फीट गहरे गड्ढे के अंदर जाने के बाद वे बाहर नहीं निकल सके. सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों के कारण सभी युवक बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई.
रेस्क्यू टीम ने घंटों मशक्कत के बाद निकाला शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद सीसीएल अरगडा के सेफ्टी ऑफिसर रमेश कुमार और एरिया क्वालिटी मैनेजर एसएन तिवारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने तुरंत माइंस रेस्क्यू टीम और गिद्दी अस्पताल को सूचना दी.
माइंस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. वहीं गिद्दी अस्पताल से डॉ. सागर कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम भी एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंची.
काफी प्रयास के बाद रेस्क्यू टीम ने सुरंग के अंदर फंसे चारों युवकों को बाहर निकाला. मृतकों की पहचान सिरका बुधबाजार निवासी किशोर और आशीष तथा टोंगी निवासी देवा और डब्लू के रूप में हुई है.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
रेस्क्यू के बाद चिकित्सकों ने मौके पर ही युवकों की जांच की. हालांकि परिजन और ग्रामीण चारों को इलाज के लिए रांची रोड स्थित होप अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक पूरे इलाके में शोक का माहौल बना रहा.
सुरंग के अंदर मिली जहरीली गैस
रेस्क्यू टीम के अनुसार, अवैध खदान के ऊपरी हिस्से में ऑक्सीजन का स्तर करीब 9 प्रतिशत पाया गया था, जबकि अंदर लगभग 40 फीट तक बनी सुरंग में ऑक्सीजन घटकर सिर्फ 2 प्रतिशत रह गई थी.
इसके अलावा खदान के अंदर कार्बन डाइऑक्साइड समेत अन्य जहरीली गैसों की मौजूदगी भी मिली. रेस्क्यू टीम और चिकित्सकों ने आशंका जताई कि ऑक्सीजन की भारी कमी और जहरीली गैस के कारण युवकों की दम घुटने से मौत हुई.
पुलिस ने संभाली स्थिति, अवैध खनन पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय और कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखा. हादसे ने एक बार फिर बंद खदानों में जारी अवैध खनन और सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद खदानों में चोरी-छिपे कोयला निकालने का काम लंबे समय से चल रहा था. प्रशासन के सामने अब अवैध खनन पर रोक लगाने और बंद खदानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बड़ी चुनौती है.