Jamtara News : मनरेगा योजना में 4.83 लाख रुपये की कथित फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। मामले को लेकर संबंधित लाभुक ने उपायुक्त (डीसी) से शिकायत करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की संभावना बढ़ गई है।
लाभुक ने खाते से अवैध निकासी का लगाया आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मनरेगा योजना के तहत उसके नाम पर स्वीकृत राशि में से 4 लाख 83 हजार रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि उसे इसकी जानकारी तक नहीं थी। लाभुक का कहना है कि न तो उसे राशि प्राप्त हुई और न ही उसने किसी प्रकार की निकासी की अनुमति दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद उसने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
लाभुक ने उपायुक्त को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही निकाली गई राशि की भरपाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित करने की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लाभुक को निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया है।