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  • 2026-06-10

PM Modi Europe Visit: छह दिन के यूरोपीय दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, फ्रांस से लेकर स्लोवाकिया तक मजबूत होंगे रिश्ते, जी 7 सम्मेलन पर भी रहेगी नजर

PM Modi Europe Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक यूरोप के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे. छह दिनों की इस यात्रा के दौरान वह फ्रांस के कई शहरों का दौरा करेंगे और पहली बार मध्य यूरोप के देश स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर भी जाएंगे. इस दौरे को भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस यात्रा से प्रमुख वैश्विक साझेदार देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूती मिलेगी, साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका भी और प्रभावी होकर सामने आएगी.
फ्रांस से होगी यात्रा की शुरुआत, राष्ट्रपति मैक्रों के साथ होगी अहम बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी अपने यूरोपीय दौरे की शुरुआत 13 जून को फ्रांस के नीस शहर से करेंगे. इसके बाद 14 जून को उनकी मुलाकात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से होगी. दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत और फ्रांस के बीच विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी.

इस दौरान दोनों नेता संयुक्त रूप से भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का शुभारंभ भी करेंगे. इस कार्यक्रम में स्टार्टअप कंपनियां और वेंचर कैपिटल फंड से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इसे नवाचार और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के रूप में देखा जा रहा है.

स्लोवाकिया पहुंचकर रचेंगे नया इतिहास
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून के बीच स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे. वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र देश बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां आधिकारिक दौरे पर पहुंचेगा.

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे. दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल उद्योग और रेलवे विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा होने की संभावना है. इस यात्रा को भारत और मध्य यूरोप के देशों के बीच बढ़ते रिश्तों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

जी 7 सम्मेलन में दुनिया के बड़े नेताओं के साथ होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी 7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस दौरान वह जी 7 देशों के नेताओं और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कई वैश्विक मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे.

नई साझेदारियों को मजबूत करने, वैश्विक सहयोग बढ़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और जिम्मेदार विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी बैठक के दौरान चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं.

ट्रंप के साथ मुलाकात पर भी टिकी रहेंगी नजरें
इस पूरे दौरे का एक बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात को भी माना जा रहा है. यदि यह बैठक होती है तो फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की यह पहली द्विपक्षीय मुलाकात होगी.

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और मौजूदा वैश्विक हालात को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है. हालांकि इस मुलाकात को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है.

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में दिखेगी भारत की नवाचार क्षमता
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को पेरिस पहुंचेंगे. यहां वह यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी आयोजनों में शामिल विवाटेक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसके अलावा उनके भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करने की भी संभावना है.

इस कार्यक्रम के जरिए भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा.

ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज के रूप में उभर रहा भारत
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल फ्रांस और स्लोवाकिया तक सीमित नहीं मानी जा रही है. इसे पूरे यूरोपीय संघ के साथ भारत के बढ़ते सहयोग और व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है.

जी 7 जैसे वैश्विक मंचों पर भारत की लगातार मौजूदगी यह संकेत देती है कि दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है. साथ ही भारत ग्लोबल साउथ की एक प्रभावशाली आवाज के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है.


छह दिन का यह यूरोपीय दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने से लेकर स्लोवाकिया के साथ ऐतिहासिक संबंधों की शुरुआत और जी 7 सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर भागीदारी तक, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
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