Ranchi: मनरेगा कर्मियों की जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं। जिला ग्रामीण विकास शाखा की ओर से जारी निर्देश में हड़ताल पर बैठे सभी मनरेगा कर्मियों को 12 जून तक अपने-अपने कार्यस्थलों पर वापस लौटकर नियमित जिम्मेदारियां संभालने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय तिथि तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मियों के पद खाली माने जाएंगे। इसके बाद उन पदों पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए कर्मचारियों से तत्काल कार्यभार ग्रहण करने की अपील की है।
राज्य स्तर के निर्देश के बाद जारी हुआ आदेश
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई राज्य स्तर से मिले निर्देशों के बाद की जा रही है। महात्मा गांधी नरेगा कार्यालय, झारखंड की ओर से सभी जिलों को हड़ताली कर्मियों के संबंध में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में रांची समेत विभिन्न जिलों में संबंधित आदेश जारी किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत काम मांगने वाले ग्रामीणों को निर्धारित समय सीमा के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होता है। लेकिन लंबे समय से कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में परेशानी आ रही है।
अंतिम मौका देकर लौटने की अपील
प्रशासन ने हड़ताली कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि 12 जून तक सेवा में वापसी सुनिश्चित करें। यदि इसके बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करते हुए रिक्त पदों पर नई बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि ग्रामीण विकास योजनाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी।