Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-07

Jamshedpur News: एमजीएम अस्पताल में छठे तल्ले के वार्ड से आधी रात लापता हुआ गंभीर मरीज, होमगार्ड जवानों ने बेसमेंट से सुरक्षित निकाला

Jamshedpur : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में शनिवार की देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गंभीर स्थिति में भर्ती एक मरीज अपने वार्ड से अचानक गायब हो गया। लापता मरीज की पहचान सिदगोड़ा बागान एरिया के रहने वाले 55 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद राठौर के रूप में हुई है, जो अस्पताल के छठे तल्ले पर स्थित वार्ड में इलाज के लिए भर्ती थे। रात में उनके गायब होने के बाद से परिजनों की सांसें अटक गईं और वे पूरी रात अस्पताल परिसर के चक्कर काटते रहे। राहत की बात यह रही कि रविवार की सुबह होमगार्ड के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मरीज को सुरक्षित खोज निकाला, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

परिजनों ने रात भर खंगाला सात मंजिला भवन, सता रही थी अनहोनी की आशंका
परिजनों के अनुसार, राजेंद्र प्रसाद राठौर चलने-फिरने में काफी असमर्थ थे, इसलिए उनका अचानक गायब होना सबको हैरान कर रहा था। रात में जब वे बेड पर नहीं दिखे, तो उनके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर और अन्य परिजनों ने भूतल (ग्राउंड फ्लोर) से लेकर सातवें तल्ले तक का कोना-कोना छान मारा, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। रात के वक्त इस बात की जानकारी अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड के जवानों को नहीं दी जा सकी, जिसके कारण रात में तलाश का दायरा नहीं बढ़ाया जा सका और परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती रही।

सुबह होमगार्ड जवानों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन, बंद बेसमेंट में फंसे मिले राजेंद्र
रविवार की सुबह जैसे ही इस मामले की भनक अस्पताल के होमगार्ड जवानों को लगी, वे तुरंत एक्शन में आ गए। होमगार्ड जवानों के प्रभारी दिग्विजय पांडेय के निर्देश पर अस्पताल परिसर में एक विशेष खोज अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया। जवान मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा और सूरज कुमार सहित अन्य सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल की तलाशी ली। इसी दौरान टीम इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के पास पहुंची। वहां देखा गया कि बेसमेंट का गेट बाहर से बंद था और राजेंद्र प्रसाद राठौर उसके अंदर सुरक्षित खड़े थे। बेसमेंट का दरवाजा बंद होने के कारण वे रात भर बाहर नहीं निकल पाए थे।

डॉक्टरों की सर्जरी के डर से वार्ड छोड़कर भागे थे मरीज, भाई को सौंपा गया
मरीज के सकुशल मिलने के बाद सुरक्षा टीम ने उन्हें राहत दी और उनके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सुरक्षित सौंप दिया। भाई योगेंद्र ने बताया कि राजेंद्र के पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसमें संक्रमण (इन्फेक्शन) बढ़ने के कारण उनकी हालत नाजुक थी। डॉक्टरों ने रविवार को ही उनके पैर की सर्जरी करने की बात कही थी। माना जा रहा है कि ऑपरेशन के इसी डर और कई दिनों से अस्पताल के वार्ड में बंद रहने की परेशानी के कारण वे शनिवार रात सीढ़ियों के रास्ते छठे तल्ले से नीचे उतर गए और भटकते हुए बेसमेंट तक पहुंच गए।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !