Ranchi News : नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में आदिवासी युवा संगठनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विकास परियोजना के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि छीनी जा रही है, जिससे सैकड़ों किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से परियोजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
कृषि भूमि बचाने की मांग तेज
प्रदर्शन में शामिल संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित भूमि वर्षों से खेती के उपयोग में है और स्थानीय आदिवासी परिवारों की जीविका का प्रमुख स्रोत है। उनका कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कृषि योग्य भूमि पर परियोजना निर्माण स्वीकार नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रिम्स-2 का निर्माण बंजर या वैकल्पिक भूमि पर किया जाए।
ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की आपत्तियों और आजीविका संबंधी चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उनका कहना है कि खेती योग्य भूमि के अधिग्रहण से सामाजिक और आर्थिक संकट पैदा होगा।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी किसानों की चिंताओं का समर्थन करते हुए सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि रिम्स-2 परियोजना राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
आदिवासी संगठनों ने कहा कि विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है, लेकिन यह स्थानीय समुदायों के अधिकारों और आजीविका की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कृषि भूमि संरक्षण और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।