Oman Oil Terminal Drone Attack: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव गहरा गया है. ओमान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र मीना अल फहल टर्मिनल पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद कच्चे तेल की लोडिंग अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है. इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा बाजार के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए युद्ध की खुली चेतावनी दी है.
तेल निर्यात केंद्र पर धमाके के बाद संचालन ठप
मस्कट के पास स्थित मीना अल फहल टर्मिनल में विस्फोट सिंगल बॉय मूरिंग बर्थ 1 और 2 के बीच हुआ. शुरुआती जानकारी के अनुसार यह धमाका एक संदिग्ध ड्रोन हमले का परिणाम माना जा रहा है. घटना के बाद टर्मिनल पर कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई है और संचालन प्रभावित हुआ है. हालांकि अब तक किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
ट्रंप ने ईरान के लिए खींची नई रेड लाइन
घटना के बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अमेरिकी सैनिक को ईरान की ओर से नुकसान पहुंचाया गया तो इसे युद्ध दोबारा शुरू करने का पर्याप्त कारण माना जाएगा.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका पहले ही ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा चुका है. उनके अनुसार ईरान के 159 जहाज समुद्र में नष्ट हो चुके हैं. साथ ही उन्होंने उन खबरों को खारिज किया जिनमें ईरान को युद्ध में बेहतर स्थिति में बताया जा रहा है.
कुवैत और बहरीन पर हमलों से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
हाल के दिनों में ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए गए थे. इन हमलों में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एक ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले के जवाब में की गई थी.
परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बढ़ी चिंता
तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA की एक रिपोर्ट ने नई चिंता पैदा कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष हुए संघर्ष के बाद से एजेंसी ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण नहीं कर पाई है. इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेह और बढ़ गया है.
ओमान के महत्वपूर्ण तेल टर्मिनल पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमले ने मध्य पूर्व की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है. तेल आपूर्ति पर असर, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तल्खी तथा परमाणु गतिविधियों को लेकर उठ रहे सवाल आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं.