Jharkhand News: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में अचानक लगी भीषण आग के कारण 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. इस बड़े हादसे की चपेट में आने से झारखंड के बोकारो जिले के जैनामोड़ की रहने वाली 26 वर्षीया सुरभि कुमारी की भी असमय मृत्यु हो गई. मृतका सुरभि जैनामोड़ के जाने-माने व्यवसायी और विकास आटा चक्की के संचालक रमेश प्रसाद बरनवाल की सुपुत्री थीं. इस दुखद घटना के बाद से उनके गृह जिले और पूरे इलाके में गहरा शोक है.
टाटा कंपनी में इंटरव्यू देने पहुंची थीं दिल्ली
सुरभि कुमारी ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी. वे अपने करियर को और बेहतर बनाने के लिए टाटा कंपनी में इंटरव्यू देने के उद्देश्य से दिल्ली आई हुई थीं. दिल्ली पहुंचने पर वे रात में अपनी बड़ी बहन (दीदी) के घर पर रुकी थीं. सुबह तय कार्यक्रम के मुताबिक वे इंटरव्यू की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मालवीय नगर के उसी होटल में गई थीं, जहां यह भयावह हादसा हुआ.
दम घुटने और झुलसने से हुई दर्दनाक मौत
इंटरव्यू के दौरान ही होटल के भीतर अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते बेहद विकराल रूप धारण कर लिया. इस भीषण अग्निकांड और अफरा-तफरी के बीच सुरभि को संभलने या बाहर निकलने का बिल्कुल मौका नहीं मिल सका. धुएं के कारण दम घुटने और आग की चपेट में आकर झुलसने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उज्जवल भविष्य का सपना लेकर घर से निकली होनहार बेटी की इस तरह मौत से हर कोई स्तब्ध है.
पैतृक आवास पहुंचा शव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दिल्ली में सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम के संपन्न होने के बाद मृतका सुरभि कुमारी का पार्थिव शरीर विमान व सड़क मार्ग से उनके पैतृक आवास जैनामोड़ लाया गया. सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सुरभि का शव उनके घर पहुंचा, वैसे ही पूरा माहौल चीख-पुकार और आंसुओं में डूब गया. अपनी होनहार और लाडली बेटी को खोने के गम में माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.