Adityapur: आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-18 की स्थिति विकास और स्वच्छता के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यह वही वार्ड माना जाता है, जिससे नगर निगम के डिप्टी मेयर का सीधा जुड़ाव है। इसके बावजूद क्षेत्र की राम मड़ैया बस्ती आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव और बदहाल व्यवस्था से जूझ रही है।
जाम नालियां बनीं सबसे बड़ी समस्या
राम मड़ैया बस्ती में जाम नालियां, बजबजाती गंदगी और घरों में घुसता नाली का दूषित पानी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। कई स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जिसके कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहते हुए सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। बस्तीवासियों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही हालात नारकीय हो चुके हैं। दुर्गंध, गंदगी और बीमारियों के खतरे के बीच लोगों को रोजमर्रा का जीवन बिताना पड़ रहा है।
चुनावी वादों तक सीमित रहा विकास
जब न्यूज 26 झारखंड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बस्तीवासियों से बातचीत की तो लोगों का दर्द खुलकर सामने आया। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है। लोगों का कहना है कि वर्षों से नालियों की सफाई, जलनिकासी और स्वच्छता की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बीमारी का बढ़ रहा खतरा
बस्तीवासियों के अनुसार गंदगी और दूषित पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई घरों में नाली का पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो रहा है और लोगों को खाना बनाने तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो नियमित सफाई कराई जाती है और न ही जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचते हैं।
चंदा जुटाकर करानी पड़ती है सफाई
बस्ती के लोगों ने बताया कि कई बार वे खुद चंदा इकट्ठा कर नालियों की सफाई करवाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
नगर निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर निगम के शीर्ष जनप्रतिनिधियों से जुड़े वार्ड की यह स्थिति है, तो अन्य क्षेत्रों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन, वार्ड पार्षद और संबंधित जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा बस्ती को गंदगी से मुक्ति दिलाने की मांग की है। बस्तीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
समाधान का इंतजार
राम मड़ैया बस्ती के लोग वर्षों से जाम नालियों, गंदगी और दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं। फिलहाल वार्ड संख्या-18 की यह तस्वीर नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्वच्छता व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।