Adityapur News: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित पम्मी धर्मकांटा पर कुछ दिनों पहले वजन कराने पहुंची एक लॉजिस्टिक कंटेनर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चालक की दर्दनाक मौत हो गई थी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले पर अवैध अतिक्रमण कर जमीन की ऊंचाई बढ़ाई गई थी, जिससे बिजली के तार गाड़ी के बेहद करीब आ गए और यह हादसा हुआ. इस वीभत्स घटना के बाद हरकत में आए जियाडा प्रशासन ने सोमवार को जांच की, जिसमें आवंटित भूमि से ज्यादा भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए धर्मकांटा संचालक रवि सरावगी को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है.
पहले भी दिए जा चुके हैं दो नोटिस, अब होगी कानूनी कार्रवाई
जियाडा के उपनिदेशक दिनेश रंजन ने बताया कि पूर्व में भी विभाग के कर्मियों द्वारा कराई गई जांच में नाले के ऊपर ब्लॉक बिछाकर अतिक्रमण करने की पुष्टि हुई थी. इस लापरवाही को लेकर संचालक को पहले भी दो बार नोटिस थमाया जा चुका है, जिसके जवाब में उसने खुद ही कब्जा हटाने का आश्वासन दिया था लेकिन अमल नहीं किया. उपनिदेशक ने साफ लहजे में कहा कि अब आखिरी बार 24 घंटे की मोहलत दी जा रही है, और यदि इस समय सीमा के भीतर ब्लॉक नहीं हटाए गए तो जियाडा प्रशासन द्वारा नियमों के तहत विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जमीन आवंटन की होगी गहन जांच, अवैध पार्किंग पर भी मांगा जवाब
संचालक को आवंटित की गई वास्तविक भूमि के सवाल पर उपनिदेशक ने कहा कि यह पूरी तरह से गहन जांच का विषय है और फाइलों के मिलान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी. इसके अलावा, अधिकारी ने बताया कि उक्त स्थल पर धड़ल्ले से चल रही अवैध पार्किंग को लेकर भी हाल ही में शिकायतें प्राप्त हुई हैं. इस गंभीर मामले पर भी विभाग द्वारा संचालक को अलग से नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जा रहा है और संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर इस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों को धमकाने का आरोप, प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
हादसे के बाद से ही स्थानीय निवासियों में धर्मकांटा संचालक की मनमानी को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है. सोमवार को ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को यह भी शिकायत की कि जब वे अपने काम पर निकले तो संचालक के कुछ गुर्गों ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की. सूत्रों की मानें तो पम्मी धर्मकांटा को मूल रूप से 4350 वर्ग फुट भूमि आवंटित की गई थी, जिसके लगभग 2000 वर्ग फुट से अधिक के हिस्से पर अवैध अतिक्रमण किया गया है. फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव है और हर किसी की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है.