Seraikela: विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल सरायकेला परिसर में शपथ ग्रहण एवं हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त उत्पादों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तम्बाकू नियंत्रण अभियान में जनसहभागिता बढ़ाना था।
एक माह तक चलाया जाएगा विशेष जागरूकता अभियान
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम “अनमास्किंग द अपील: तम्बाकू एवं निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीतियों को उजागर करना” निर्धारित की गई है। इसी के तहत जिलेभर में अगले एक माह तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और अभियान चलाए जाएंगे।
तम्बाकू के दुष्प्रभाव और कानून की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को तम्बाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तम्बाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है। साथ ही कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
तम्बाकू मुक्त जीवन अपनाने का लिया संकल्प
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को तम्बाकू का सेवन नहीं करने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के तहत आयोजित हस्ताक्षर अभियान में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
युवाओं और किशोरों को तम्बाकू से दूर रखने की अपील
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त उत्पादों से दूर रहने और स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की गई। अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया गया कि वे युवाओं और किशोरों को तम्बाकू सेवन की आदत से दूर रखने के लिए सकारात्मक मार्गदर्शन दें।
स्वास्थ्यकर्मियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जिला परामर्शी (एनटीसीपी), डीपीए, सोशल वर्कर (एनटीसीपी), सदर अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।