Tata Steel Socia Media Guidelines: टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर की जाने वाली गतिविधियां भी टाटा आचार संहिता (टाटा कोड ऑफ कंडक्ट) के दायरे में आती हैं। कर्मचारियों को याद दिलाया गया है कि वे केवल कंपनी के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि टाटा स्टील के ब्रांड प्रतिनिधि भी हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों का सीधा असर कंपनी की प्रतिष्ठा पर पड़ सकता है।
जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करें सोशल मीडिया का उपयोग
गाइडलाइन में कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, सही जानकारी प्राप्त करने और साझा करने के उद्देश्य से करें। कंपनी ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की पोस्ट, टिप्पणी या साझा की गई सामग्री में जिम्मेदारी, परिपक्वता और पारदर्शिता का परिचय देना आवश्यक है।
तथ्य जांच के बाद ही साझा करें जानकारी
टाटा स्टील ने कर्मचारियों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम या अन्य किसी भी सोशल मीडिया मंच पर कोई सूचना साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि कर लें। बिना तथ्य जांचे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि भ्रामक या गलत सूचनाओं का प्रसार न हो।
पोस्ट और साझा सामग्री की जवाबदेही होगी तय
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी कर्मचारी द्वारा लिखी गई या साझा की गई सामग्री के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। यदि किसी पोस्ट या टिप्पणी से विवाद उत्पन्न होता है या कंपनी की छवि प्रभावित होती है, तो जवाबदेही भी तय की जा सकती है।
गोपनीय जानकारी और निजी डेटा साझा करने पर रोक
दिशा-निर्देशों में कर्मचारियों को कंपनी से जुड़ी किसी भी गोपनीय जानकारी को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने से सख्ती से मना किया गया है। इसके अलावा सहकर्मियों, ग्राहकों, एजेंसियों, व्यावसायिक साझेदारों, सप्लायरों या अन्य संबंधित व्यक्तियों की तस्वीरें अथवा निजी जानकारी उनकी अनुमति के बिना साझा नहीं करने को कहा गया है। कंपनी ने इसे व्यक्तिगत गोपनीयता के सम्मान से जोड़कर देखा है।
गलती होने पर स्वीकार करने की दी सलाह
गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी से सोशल मीडिया पर कोई त्रुटि हो जाती है, तो उसे छिपाने के बजाय स्वीकार करना चाहिए। संबंधित पोस्ट या सामग्री को हटाकर स्थिति स्पष्ट करने और सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके और भ्रम की स्थिति न बने।