Aaj Ka Panchang: शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन श्रद्धा और सच्चे मन से देवी लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और घर में सुख-शांति तथा वैभव का वास होता है। संवत 2083 के ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी। आज परिघ योग अगले दिन प्रातः 4 बजकर 36 मिनट तक रहेगा, फिर शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
आज का शुभ समय, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम योग
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 13 मिनट पर होगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। वहीं अमृत काल 30 मई की प्रातः 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। करण में तैतिल सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक और उसके बाद गरज तथा फिर वणिज करण का प्रभाव रहेगा।
अशुभ मुहूर्त का रखें ध्यान, इन समयों में टालें जरूरी कार्य
आज राहुकाल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा, इसलिए इस दौरान नए और शुभ कार्यों से बचना उचित रहेगा। गुलिकाल सुबह 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 52 मिनट तक तथा यमगण्ड दोपहर 3 बजकर 46 मिनट से शाम 5 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन अशुभ समयों में यात्रा, निवेश और मांगलिक कार्य टालना लाभकारी माना जाता है।
स्वाति से विशाखा नक्षत्र का संयोग, बुद्धिमत्ता और संतुलन का प्रतीक
आज सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक स्वाति नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा। स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु और राशि स्वामी शुक्रदेव माने जाते हैं, जबकि इसके देवता वायुदेव हैं। हवा में झूलते नए अंकुर का प्रतीक यह नक्षत्र स्वतंत्र सोच, शिष्ट व्यवहार, आत्म-नियंत्रण और कूटनीतिक क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः बुद्धिमान, शांतिप्रिय, आकर्षक व्यक्तित्व वाले और कानूनप्रिय माने जाते हैं।