Ranchi News : राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने हीट स्ट्रोक से बचाव और उसके प्रबंधन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण गर्मी और लू की अवधि लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार लू के दौरान शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इससे शरीर की तापमान नियंत्रित करने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित होती है और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप में भारी शारीरिक काम करने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने को कहा गया है।
दिशा-निर्देशों में कैफीन और अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है। बाहर निकलते समय हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनने तथा बीच-बीच में छायादार स्थान पर आराम करने की भी सलाह दी गई है।
हीट स्ट्रोक होने पर तुरंत करें ये उपाय, जनहित में जारी की गई एडवाइजरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को हीट स्ट्रोक हो जाए तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना चाहिए। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडी पट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए।
मरीज को धीरे-धीरे ठंडे पानी के छोटे-छोटे घूंट पिलाने की सलाह दी गई है। स्थिति सामान्य होने पर फल और सब्जियों जैसे हल्के और नमी वाले खाद्य पदार्थ देने की बात कही गई है।
यह जानकारी राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम की ओर से जनहित में जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्मी के मौसम में लोगों को जागरूक कर सुरक्षित रखना है, ताकि लू और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सके।