Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर के जुगसलाई इलाके में स्थित यूनिक कलेक्शन शोरूम पर हुए बहुचर्चित हमले में पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है. वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर सन्नी सिंह सरदार को पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है. शहर के कुख्यात मनीष सिंह गैंग के खिलाफ इसे पुलिस का एक बड़ा एक्शन माना जा रहा है. इसके साथ ही पुलिस ने टेल्को थाना क्षेत्र के रहने वाले सागर उपाध्याय को भी हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. हालांकि, बड़े पुलिस अधिकारियों ने जांच प्रभावित न हो, इसलिए अभी ज्यादा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है.
पैसों के लिए धमकाया, बात न बनने पर शोरूम संचालक पर चलाया कट्टा
इस सनसनीखेज मामले की परतें खोलते हुए पुलिस ने बताया कि अपराधियों ने पहले शोरूम संचालक से मोटी रंगदारी मांगी थी. जब कारोबारियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो दहशत फैलाने के मकसद से बीते 15 मई को बदमाशों ने दुकान के भीतर घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं. अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे बाजार में भगदड़ मच गई थी, हालांकि खुशकिस्मती यह रही कि शोरूम के मालिक इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए. वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर मौके पर ही एक मरून रंग की वैगनआर कार में सवार होकर रफूचक्कर हो गए थे.
जेल की सलाखों के पीछे से चल रहा था रंगदारी और गैंगवार का पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड और गैंग का सरगना मनीष सिंह पिछले तीन महीनों से खुद जेल की सलाखों के पीछे बंद है. वह जेल के अंदर से ही मोबाइल और गुर्गों के जरिए रंगदारी, मर्डर और धोखाधड़ी का अपना काला साम्राज्य चला रहा था. पुलिस इस मामले में पहले ही छह आरोपियों, अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ आर्यन, राहुल कुमार सिंह उर्फ बड़कू, हरप्रीत सिंह भामराह उर्फ हैप्पी, राहुल सिंह उर्फ गेटलू, अंकित सोनकर उर्फ अंकित खटीक और बानेश्वर नामता को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल जेल में हैं.
वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार और भारी मात्रा में असलहा बरामद
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने अपराधियों के पास से चार देसी पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, तीन मैगजीन, एक खोखा, छह मोबाइल फोन और भागने में इस्तेमाल की गई मरून वैगनआर कार को जब्त कर लिया है. शहर में व्यापारियों से लगातार मांगी जा रही रंगदारी और बढ़ते गैंगवार के बीच मुख्य शूटर का पकड़ा जाना पुलिस की बड़ी पीठ थपथपाहट है. अब पुलिस की टीमें इस गिरोह को हथियार सप्लाई करने वाले तस्करों और इन्हें आर्थिक मदद (फंडिंग) पहुंचाने वाले सफेदपोशों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.