Tatanagar Railway News: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है. गर्मी की छुट्टियों और शादी के सीजन के बीच हजारों लोग रोज सफर कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों के घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ रहा है. कई यात्री अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्गों के साथ रातभर स्टेशन पर बैठे रहे.
यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों की सही जानकारी समय पर नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ जाती है. कई लोगों की दूसरी ट्रेनें छूट गईं, तो कुछ यात्री अपने जरूरी काम, नौकरी, परीक्षा और इलाज के लिए समय पर नहीं पहुंच सके.
सबसे ज्यादा लेट रही पुणे-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस
एनटीईएस (नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम) के 18 मई से 24 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, टाटानगर पहुंचने वाली कई प्रमुख ट्रेनें लगातार घंटों देरी से चलीं. सबसे ज्यादा देरी पुणे-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस में दर्ज की गई, जो औसतन 16 घंटे 42 मिनट देर से टाटानगर पहुंची.
इसके अलावा जूनागढ़ रोड-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस करीब 9 घंटे 28 मिनट, योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 42 मिनट और सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस 6 घंटे 41 मिनट की औसत देरी से चली. पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस भी करीब 5 घंटे 22 मिनट लेट रही.
वहीं गीतांजलि एक्सप्रेस, हावड़ा मेल, दक्षिण बिहार एक्सप्रेस और कई अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें भी 2 से 5 घंटे तक देरी से टाटानगर पहुंची. इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस को इस अवधि में रद्द भी किया गया.
रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की देरी ने रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है. गुआ-टाटानगर मेमू लगभग 3 घंटे 37 मिनट और पुरुलिया-झारग्राम मेमू करीब 2 घंटे 45 मिनट की औसत देरी से चली.
नौकरी और काम के लिए रोज ट्रेन से आने-जाने वाले यात्रियों ने कहा कि लगातार ट्रेनों के लेट होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है. कई लोग समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है.
वंदे भारत ट्रेनों का प्रदर्शन बेहतर
जहां अधिकांश ट्रेनें घंटों लेट रहीं, वहीं वंदे भारत ट्रेनों का संचालन अपेक्षाकृत बेहतर रहा. रांची-हावड़ा वंदे भारत केवल 6 मिनट और राउरकेला-हावड़ा वंदे भारत 14 मिनट की औसत देरी से चली। पटना-टाटानगर वंदे भारत तय समय पर पहुंची.
इससे यात्रियों का कहना है कि प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से की जा रही है, जबकि सामान्य ट्रेनों में समयबद्धता की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.
यात्रियों ने रेलवे से की सुधार की मांग
लगातार बढ़ रही देरी को लेकर यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है. लोगों ने रेलवे प्रशासन से ट्रेनों के संचालन में सुधार, सही समय पर सूचना देने और स्टेशन पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
यह आंकड़े रेलवे मंत्रालय के एनटीईएस पोर्टल से 24 मई 2026 की शाम 7 बजे लिए गए हैं, जिनमें बीते सात दिनों के दौरान टाटानगर स्टेशन पर ट्रेनों की औसत देरी दर्ज की गई है.