Gamharia News: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक्सपायरी दवाओं और पुराने दस्तावेजों को जलाए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि जिला उपायुक्त द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों के लगातार औचक निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं उजागर हो रही थीं। इसी बीच सीएचसी परिसर में भारी मात्रा में रखी दवाइयों और कागजातों को जल्दबाजी में आग के हवाले कर दिया गया।
तीन जगहों पर जलाए गए दवाओं के ढेर, सबूत मिटाने के आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार दवाओं का ढेर इतना अधिक था कि उन्हें तीन अलग-अलग स्थानों पर जमा कर जलाया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि निरीक्षण में गड़बड़ियां सामने आने के डर से संबंधित कर्मियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सिविल सर्जन बोले- तय प्रक्रिया से होता है दवाओं का निष्पादन
मामले पर सिविल सर्जन ने कहा कि एक्सपायरी दवाओं के निष्पादन की एक तय प्रक्रिया होती है और इन्हें बायो-वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कराया जाता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दवाओं और दस्तावेजों को जलाने के पीछे लापरवाही थी या फिर अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश।