Adityapur: साइबर अपराधियों द्वारा फेसबुक आईडी हैक कर परिजनों की फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी करने का एक नया मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने फेसबुक मैसेंजर (Facebook Messenger) के माध्यम से आदित्यपुर के रहने वाले एक व्यक्ति अतुल किशोर द्विवेदी को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने पीड़ित के भाई की फेसबुक आईडी हैक कर मैसेंजर पर यह झूठी सूचना भेजी कि उनका भाई मलेशिया एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है। पीड़ित अतुल किशोर द्विवेदी ने बताया कि उसका भाई कर्नाटक में रहता है। भाई को जेल भेजने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर शातिर ठगों ने पीड़ित को इस कदर डरा दिया कि उन्होंने बिना सच जाने हजारों रुपये गंवा दिए।
मलेशिया एयरपोर्ट पर हिरासत का बनाया फर्जी ताना-बाना
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अतुल किशोर द्विवेदी के भाई की फेसबुक आईडी को साइबर अपराधियों द्वारा हैक कर लिया गया था। इसके बाद ठगों ने उसी हैक की गई आईडी से मैसेंजर पर मैसेज भेजा कि वह इस वक्त मलेशिया एयरपोर्ट पर है और उसे वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है। मैसेंजर पर आए मैसेज में कहा गया कि यदि उसने अपने भाई को जेल जाने से बचाना है, तो तुरंत बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर करने होंगे। अपने सगे भाई की आईडी से अचानक आई इस खबर से पीड़ित और उनका परिवार गहरे सदमे और घबराहट में आ गया।
घबराहट में गूगल पे से किए पैसे ट्रांसफर, बाद में हुआ ठगी का अहसास
भाई की सुरक्षा को लेकर चिंतित पीड़ित ने बिना समय गंवाए ठगों के बताए अनुसार गूगल पे (Google Pay) के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में पैसे भेजना शुरू कर दिया। पीड़ित ने पहली किस्त के रूप में ₹2,000 और उसके तुरंत बाद ₹25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कुल ₹27,000 भेजने के बाद जब पीड़ित को कुछ संदेह हुआ और उसने सच्चाई जानने के लिए उस प्रोफाइल और नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया। तब जाकर पीड़ित को अहसास हुआ कि वह एक सोची-समझी साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
साइबर सेल में शिकायत की तैयारी, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह
पीड़ित अतुल किशोर द्विवेदी अब इस पूरे मामले की लिखित शिकायत साइबर क्राइम सेल में दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि पीड़ित के पास फेसबुक चैट का स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन आईडी और भुगतान के स्क्रीनशॉट जैसे सभी जरूरी डिजिटल सबूत सुरक्षित हैं, जो पुलिस अनुसंधान में मददगार साबित होंगे। इस घटना के बाद साइबर विशेषज्ञों ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले ऐसे किसी भी मैसेज या संकट की सूचना पर तुरंत भरोसा न करें। यदि किसी परिजन की गिरफ्तारी या परेशानी का मैसेज आता है, तो सबसे पहले सीधे फोन कॉल के माध्यम से उस व्यक्ति या अपने अन्य रिश्तेदारों से संपर्क कर सच्चाई की पुष्टि जरूर करें।