Ranchi News : स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 नियुक्ति मामले में शनिवार को डोरंडा स्थित पुराने हाईकोर्ट भवन में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से नियुक्त अभ्यर्थियों का विस्तृत डाटा शपथ पत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कमीशन ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का अवलोकन करने के बाद सवाल उठाया कि सरकार के नए आंकड़ों के अनुसार 12,739 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है, जबकि हाईकोर्ट में पहले दायर शपथ पत्र में नियुक्त अभ्यर्थियों की संख्या 12,046 बताई गई थी। कमीशन ने पूछा कि दोनों आंकड़ों में अंतर क्यों है और क्या बाद में अतिरिक्त नियुक्तियां की गई थीं।
याचिकाकर्ताओं को लिखित आपत्ति दाखिल करने का निर्देश, अगली सुनवाई 30 मई को
फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने मामले में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे सरकार के शपथ पत्र के आधार पर बिंदुवार लिखित आपत्ति दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 30 मई को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद और JSSC की ओर से उपसचिव बशीर अहमद उपस्थित रहे। वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अमृतांश वत्स, राजेश कुमार समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित हुई है फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह इस नियुक्ति परीक्षा से जुड़ी स्टेट मेरिट लिस्ट, नियुक्त शिक्षकों के नाम, प्राप्तांक, नियुक्ति तिथि और अन्य संबंधित जानकारी उपलब्ध कराए।
झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मीना कुमारी और अन्य की ओर से दायर 257 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसी के तहत हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है।