Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट यानी सीएसडी और रक्षा रेजिमेंटल इकाइयों के जरिए होने वाली मानव उपभोग की शराब बिक्री को वैट से मुक्त करने की घोषणा की है. इस फैसले से सेना और पूर्व सैनिक समुदाय को सीधे तौर पर राहत मिलने की उम्मीद है.
रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों के लिए शराब बिक्री पर वैट से मिली छूट
वाणिज्य कर विभाग की ओर से 20 मई 2026 को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय से जुड़ी रेजिमेंटल इकाइयों और कैंटीन स्टोर्स विभाग के माध्यम से रक्षा कर्मियों तथा झारखंड के पूर्व सैनिकों के वास्तविक उपयोग के लिए बेची जाने वाली शराब पर अब वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट नहीं लगाया जाएगा. सरकार ने यह छूट झारखंड मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 की धारा 57(1) के तहत दी है. इससे कैंटीन के जरिए खरीदी जाने वाली शराब पर कर का अतिरिक्त बोझ कम होगा और लाभ सीधे रक्षा समुदाय तक पहुंचेगा.
टैक्स छूट का लाभ लेने के लिए पूरा करना होगा यह नियम
सरकार की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित इकाई को कमांडिंग ऑफिसर स्तर के अधिकारी से प्रमाणित होना जरूरी होगा. यानी केवल अधिकृत और प्रमाणित इकाइयों को ही इस कर छूट का फायदा मिल सकेगा.
1 अप्रैल 2026 से लागू होगी अधिसूचना
अधिसूचना के मुताबिक यह कर छूट 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी. राज्य सरकार हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में इस तरह की टैक्स राहत संबंधी अधिसूचना जारी करती है, जिसे पूरे वित्तीय वर्ष तक लागू रखा जाता है. इसी परंपरा के तहत इस बार भी रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों को यह सुविधा दी गई है.
राज्यपाल के निर्देश पर जारी हुआ आदेश
यह आदेश राज्यपाल के निर्देश पर जारी किया गया है. अधिसूचना पर वाणिज्य कर विभाग की अवर सचिव किरण कुमारी के हस्ताक्षर हैं. सरकार के इस फैसले को रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों के हित में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है. इस निर्णय से कैंटीन के जरिए खरीदे जाने वाले सामान, खासकर शराब पर लगने वाले कर का बोझ कम होगा और इससे रक्षा समुदाय को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है.