Ranchi News: रांची विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में सिंडिकेट की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कुल 30 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा के बाद स्वीकृति दी गई. कुलपति बनने के बाद प्रो. शर्मा की यह पहली सिंडिकेट बैठक थी.
बैठक में कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्यों की नियुक्ति, शिक्षकों की बहाली और प्रोन्नति, वित्तीय मामलों तथा लंबित प्रस्तावों से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए. साथ ही पूर्व में हुई बैठकों के निर्णयों की भी पुष्टि की गई.
सिंडिकेट ने 22 जुलाई 2025 की पिछली बैठक और 16 सितंबर 2025 को आयोजित वित्त समिति की बैठक में लिए गए फैसलों को मंजूरी दी. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट और विभिन्न वित्तीय अनुशंसाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई.
बैठक में नागपुरी विषय में डॉ. मनोज कच्छप की सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति को हरी झंडी दी गई. वहीं विश्वविद्यालय में “डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन” शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इसका उद्देश्य शोध गतिविधियों को बढ़ावा देना, नई शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी ढंग से लागू करना और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का विकास करना है.
सिंडिकेट ने झारखंड सरकार के वित्त विभाग से प्राप्त वित्तीय संकल्प को भी स्वीकृति दी. दर्शनशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमेन्द्र भगत को झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलसचिव पद पर एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का निर्णय भी लिया गया.
इसके अलावा विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों और प्राध्यापकों की प्रोन्नति से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई. राज्यपाल सचिवालय से प्राप्त अनुमति के आधार पर डॉ. सीमा को ओ कॉलेज गुमला, डॉ. प्रसन्नजीत मुखर्जी को महिला महाविद्यालय गुमला और के.पी. शाही को मांडर कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई.
बैठक में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित विष्णुपद महतो की कुरमाली विषय में सहायक प्राध्यापक पद पर नियमित नियुक्ति को भी मंजूरी मिली. सिंडिकेट बैठक में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे.