Adityapur: आदित्यपुर-गम्हरिया मुख्य सड़क पर रोजाना सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक लगने वाले भीषण जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। सड़क किनारे अस्थायी अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन अब उन बहुमंजिला इमारतों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को चिन्हित करने की तैयारी में है, जो बिना नक्शा पास कराए बनाए गए हैं या जिनमें पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे अवैध निर्माण ही इलाके में लगातार बढ़ रहे जाम की बड़ी वजह बन चुके हैं।
सड़क पर पार्किंग बनी जाम की बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार आदित्यपुर-गम्हरिया मुख्य सड़क पर लगने वाले महाजाम का सबसे बड़ा कारण बिना प्लानिंग के बने मॉल, टावर और व्यावसायिक भवन हैं। आरोप है कि कई बिल्डरों ने भवनों के ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग की जगह दुकानों का निर्माण कर उन्हें किराए पर दे दिया है। इसके कारण दुकानों में आने वाले ग्राहकों को अपने वाहन मुख्य सड़क पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे घंटों यातायात बाधित रहता है और सड़क पर लंबी कतारें लग जाती हैं।
नियमों की अनदेखी का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हाउसिंग बोर्ड के आवासीय मकानों को तोड़कर अवैध रूप से बहुमंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना दिए गए हैं। इसके अलावा कुछ इमारतें ऐसी जमीनों पर भी खड़ी कर दी गई हैं, जो पहले राजा द्वारा दान में दी गई थीं। वर्तमान में उन जमीनों पर बड़े-बड़े शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जिसे लोग नियमों के खिलाफ बता रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन ने मुख्य सड़क से अस्थायी अतिक्रमण तो हटा दिया है, लेकिन अब स्थायी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करना जरूरी हो गया है। उनका मानना है कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए भवनों, मॉल और टावरों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
चंपाई सोरेन ने भी दिए थे कार्रवाई के निर्देश
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक चंपाई सोरेन ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया था कि सर्विस रोड के किनारे बिना नक्शा पास कर बनाई गई बहुमंजिला इमारतों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा था कि इन भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
प्रशासन कानूनी कार्रवाई की तैयारी में
सूत्रों के अनुसार प्रशासन अब बिना नक्शा पास कराए बनी इमारतों और बिना पार्किंग के व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने वाले बिल्डरों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारों को खत्म कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है, ताकि आम लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।