Jharkhand News: धर्म परिवर्तन कर चुके ईसाइयों के जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. यह याचिका मेघा उरांव की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार और नितेश्वरी कुमारी के माध्यम से दायर की गई है.
रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में मेघा उरांव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों के आधार पर धर्मांतरित ईसाइयों के जाति प्रमाण पत्र रद्द किए जाने चाहिए. उन्होंने राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके शपथ पत्र में जाति उरांव और धर्म ईसाई दर्ज है.
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले राज्य के मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव, रांची उपायुक्त और रातू अंचलाधिकारी को आवेदन देकर शिल्पी नेहा तिर्की का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
इसके बाद आदिवासी और जनजातीय समुदाय के अधिकारों, परंपरा और धार्मिक पहचान की रक्षा को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है.
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सी. सेल्वा रानी बनाम विशेष सचिव सह जिला कलेक्टर एवं अन्य, 2024 के फैसले का भी हवाला दिया गया है.
प्रेस वार्ता में संदीप उरांव, सोमा उरांव, विनोद कच्छप, जगन्नाथ भगत, जय मंत्री उरांव, सुशीला उरांव, लुथरु उरांव, राजू उरांव, सुनील उरांव और मंगल उरांव समेत कई लोग मौजूद रहे.