Ranchi Crime News: रांची में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अनिल टाइगर हत्याकांड और व्यवसाई राधेश्याम साहू पर फायरिंग मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को रांची पुलिस ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाकर गहन पूछताछ कर रही है.
20 लाख रुपये की सुपारी और कोलकाता कनेक्शन
मामले की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि अनिल टाइगर की हत्या के लिए कथित तौर पर 20 लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी दी गई थी. इस पूरी वारदात का ताना-बाना और खूनी साजिश रांची तथा कोलकाता में बैठकर रची गई थी. गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिन्हा ने इस हत्या को अंजाम देने की पूरी योजना और रणनीतिक साजिश में मुख्य भूमिका निभाई थी.
जमीन का लालच और शूटरों की पहले ही गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड के तार जमीन विवाद से भी जुड़े हैं, जिसमें देवव्रत नाथ शाहदेव का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि हत्या की योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्राथमिक तौर पर पांच लाख रुपये एडवांस दिए गए थे और साथ ही जमीन के सौदे में बड़ी हिस्सेदारी का लालच भी दिया गया था. इस मामले में पुलिस वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटरों को पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है.
गुप्त सूचना पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में छापेमारी
आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि सूरज सिन्हा पहचान छिपाकर कोलकाता में रह रहा है. इसके बाद ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा. पुलिस के अनुसार, घटना से पहले अपराधियों द्वारा अनिल टाइगर की कई दिनों तक बकायदा रेकी भी की गई थी.
राधेश्याम साहू फायरिंग मामले में भी संलिप्तता
पकड़े गए आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और अनिल टाइगर की हत्या के अलावा शहर के जाने-माने व्यवसाई राधेश्याम साहू पर हुए जानलेवा हमले में भी उसकी सीधी संलिप्तता सामने आई है. रांची पुलिस अब सूरज सिन्हा से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे मर्डर सिंडिकेट और जमीन माफियाओं के नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार अपराधियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.